
बारिश नहीं होने और भीषण गर्मी पड़ने के कारण नदियां, गधेरे आदि सूखने लगे हैं। गोमती और सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। जिससे नगर से लेकर गांव तक पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। लोग पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों का रुख कर रहे हैं। रात में भी पानी के लिए लोगों की सेनौला धारे पर कतार लग रही है।
सरयू और गोमती का जलस्तर घटने लगा है। जंगलों में लगी आग भी इसका प्रमुख कारण हो सकता है। सरयू और गोमती नदियां जलस्रोतों का निर्भर हैं। जिसके कारण पेयजल संकट पैदा हो गया है। खरेही क्षेत्र में सबसे अधिक पानी की किल्लत बनी हुई है। सरयू नदी में बिलौनासेरा के समीप बनी पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति चार या पांच दिन बाद हो रही है। वहीं, कौसानी में भी पेयजल संकट बना हुआ है।