
यादव के खिलाफ यूपी सरकार की सिफारिश पर पिछले साल जांच शुरू की गई थी। विजिलेंस के मुताबिक, अब तक उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया है। पिछले दिनों भी जब उनके घरों पर छापे मारे गए थे, तब उन्हें फोन किया गया था, लेकिन न तो वह आए और न ही किसी को भेजा। अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया था।
आय से अधिक संपत्ति के आरोपी आईएएस राम विलास यादव की देहरादून में भी आठ संपत्तियां मिली हैं। ये संपत्तियां पिछले दिनों छापे के बाद में सामने आई हैं। यह सभी रजिस्ट्रियां हैं, जिनका विजिलेंस में आकलन चल रहा है।
इसके अलावा गाजियाबाद में फ्लैट और अन्य 15 बेनामी संपत्तियों की भी जानकारी मिली है। ये संपत्तियां पिछले साल हुई जांच के बाद में सामने आई हैं। इनमें से ज्यादातर को या तो गिफ्ट डीड से उनके नाम किया गया है या सस्ते दामों में सेटिंग कर अपने नाम करने की तैयारी है।
आईएएस राम विलास यादव के खिलाफ अप्रैल में विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया था। पिछले साल सितंबर में विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। उस वक्त तक उनकी संपत्तियां आय से करीब 547 फीसदी अधिक थीं। मुकदमा दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने कई जगह छापे मारे थे। इनमें उनकी पत्नी का स्कूल भी शामिल था।
गाजीपुर, लखनऊ और देहरादून में इन संपत्तियों का ब्योरा जुटाया गया था। विजिलेंस के सूत्रों के अनुसार, अब इनसे भी अलग संपत्तियां यादव के नाम पर होने की जानकारी मिली है। इनमें आठ संपत्तियां देहरादून में मौजूद हैं। इनमें ज्यादातर प्लॉट और मकान हैं। इनकी रजिस्ट्री विजिलेंस ने कब्जे में ले ली है। कई रजिस्ट्रार दफ्तरों से तस्दीक की जा रही है। देहरादून के राजपुर क्षेत्र में स्थित एक वीआईपी कॉलोनी में उनका बंगला है। उनके नाम पर गाजियाबाद में एक फ्लैट भी है। विजिलेंस के अफसरों के मुताबिक, इनकी अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये से भी अधिक है।