
प्रदेश में करीब दस साल से वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। लेकिन शहर और आसपास के क्षेत्र में कई बाइक और कार आर्टिफिशियल नंबर प्लेट लगाकर संचालित हो रही हैं। प्राइवेट कार, बाइक स्वामी परिवहन कार्यालय से संबंधित वाहन का पंजीकरण नंबर का मैसेज आने के बाद, उस नंबर की बाजार से प्लेट बनवा रहे हैं। जबकि विभागीय नियमानुसार यह गलत है। कई वाहन ऐसे भी संचालित हो रहे हैं, जिसका पंजीकरण किए हुए सात माह हो गए, लेकिन वह संबंधित एजेंसी में नंबर प्लेट लगाने के लिए नहीं गए। प्राइवेट कार चालक और बाइक स्वामी एजेंसी में जाने के बाद बजाय बाजार से प्लेट बनाकर उसे लगवा रहे हैं।
मेरी गाड़ी पुरानी हो गई मैं क्यों एचएसआरपी प्लेट लगाऊं
कई लोगों के दिमाग में यह सवाल होता है तो उसकी प्राइवेट कार, बाइक पुरानी हो गई है वह हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने के लिए परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसी के चक्कर क्यों लगाए। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है। जिस वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होती उसका चालान काटा जाता है। बाइक की एजेंसियों में भी कई बाइकों की नंबर प्लेट ऐसी पड़ी हैं जिनके स्वामी दो साल बीत जाने के बाद भी प्लेट लगवाने नहीं आए। कई प्लेटें ऐसी भी जो बाइक आठ माह पहले शोरूम से निकल चुके हैं। डीलरों का कहना है कि वह बीच-बीच में संबंधित वाहन स्वामी को फोन भी करते हैं लेकिन वह नहीं आते।
वाहन की प्लेट नहीं बदल सकते चोर
पुलिस अधिकारियों की मानें चोरी की वहीं बाइकें बरामद होती हैं जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होती। जिन बाइकों पर साधारण नंबर प्लेट होती है चोर उसे चोरी कर उसकी नंबर प्लेट बदलकर उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते हैं।
पुराने वाहन पर एचएसआरपी लगानी होती तो डीलर के पास जाएं
यदि आप पुराने वाहन(प्राइवेट कार, बाइक, स्कूटी) पर हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना चाहते हैं तो आपको जिस कंपनी का वाहन होगा उसके डीलर के पास जाना होगा। वहां नंबर प्लेट लगवाने की शुल्क जमा कर तय दिनों में आपकी नंबर प्लेट बनकर आ जाएगी। उसके बाद मैसेज में बताई गई तारीख पर जाकर आप प्लेट लगवा सकते हैं।
परिवहन विभाग की ओर से समय-समय बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की संचालित होने वाली प्राइवेट कारों, बाइकों, स्कूटी के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। जल्द ही जोरदार अभियान चलाया जाएगा।