
वीडीओ परीक्षा की धांधली में भी जल्द गिरफ्तारी शुरू हो सकती है। जनवरी 2020 में विजिलेंस ने 2016 में हुई परीक्षा से संबंधित मुकदमा दर्ज किया था। परीक्षा में ओएमआर शीटों में छेड़छाड़ की गई थी। तीन वर्षों तक शासन के स्तर से जांच हुई थी।
ग्राम पंचायत अधिकारी (वीडीओ) परीक्षा में हुई धांधली में भी अब गिरफ्तारियों का दौर शुरू होने वाला है। ढाई साल से भी अधिक समय की जांच के बाद विजिलेंस जल्द ही पहली गिरफ्तारी कर सकती है। इसमें भी बड़े-बड़े अधिकारियों और सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वीडीओ पद के लिए वर्ष 2015 में परीक्षा कराई थी। परीक्षा में धांधली का आरोप लगा तो इसे रद्द कर दिया गया। अगले साल इस परीक्षा को फिर से आयोजित कराया गया। रिजल्ट आया तो पहले साल टॉपर बने अभ्यर्थी एकाएक सबसे नीचे आ गए। इससे पुष्टि हो गई परीक्षा में धांधली हुई थी।