
आखिरकार वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। कोटद्वार क्षेत्र में बीते वर्ष रिवर ट्रेनिंग के नाम पर हुए खनन की भेंट सुखरो नदी का पुल चढ़ गया।
इस दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6:00 बजे सुखरो नदी पर बने पुल का एक पिलर धंसने लगा जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रुकवा दी।
बताते चलें कि बीते वर्ष कोटद्वार क्षेत्र में जहां राजस्व विभाग की ओर से सुखरो नदी में रीवर ट्रेनिग के पट्टे जारी किए गए, वहीं मालन व सुखरो नदियों में वन क्षेत्र के अंतर्गत रीवर चैनेलाइजेशन के नाम पर खनन किया गया। वन महकमे के अधिकारी वन भूमि पर धड़ल्ले से चल रहे खनन को देखकर भी अनजान बने रहे।