
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप के बड़े नेताओं ने गुरुवार को चेक गणराज्य में एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। यूक्रेन पर रूस के युद्ध के खिलाफ इन नेताओं ने अपने संयुक्त मोर्चे की एकजुटता की सराहना की। इस शिखर सम्मेलन में यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों के साथ ही ब्रिटेन, तुर्की और बाल्कन देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। यूरोप के क्षेत्रीय देशों में रूस और उसके सहयोगी बेलारूस के नेताओं को इस सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया।
इस दौरान यूके की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने कहा कि यूरोपीय नेता रूसी आक्रमण का सामना करने के लिए और अधिक सामूहिक संकल्प के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्राग में जो देखा है वह यूक्रेन के साथ एकजुटता, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिए एक जबरदस्त प्रदर्शन है।
इसके साथ ही बेल्जियम के पीएम अलेक्जेंडर डी क्रू (Alexander De Croo) ने कहा कि यदि आप यहां हमारी उपस्थिति को देखते हैं, तो आप महत्व देखते हैं। रूस और बेलारूस को छोड़कर पूरा यूरोपीय महाद्वीप यहां है। यह दिखाता है कि वे दोनों देश कितने अलग-थलग कर दिए गए हैं।
लातवियाई (Latvian) प्रधानमंत्री क्रिस्जैनिस कारिन्स ने कहा कि युद्ध के नतीजे कुछ ऐसे हैं जो उन सभी में समान हैं। यह सुरक्षा अर्थों में हम सभी को प्रभावित कर रहे हैं। यह हमारी अर्थव्यवस्थाओं के माध्यम से बढ़ती ऊर्जा लागतों के माध्यम से हम सभी को प्रभावित कर रहा है। इसलिए इससे निपटने का एकमात्र तरीका एक साथ काम करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी यूरोपीय देशों को एक साथ काम करने की जरूरत है।