उत्तराखंड

मिट्टी से दीपकों से करें माता लक्ष्मी का स्वागत, 

दिवाली का पर्व देशभर में धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन भक्त माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा करते हैं और जीवन में सफलता की प्रार्थना करते हैं। इस वर्ष दिवाली पर्व 24 अक्टूबर (Diwali 2022 Date) के दिन मनाया जाएगा। दीपावली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और धन-वैभव में वृद्धि होती है। शास्त्रों में भी यह बताया गया है कि इस पर्व के दिन पूजा-अर्चना करने से घर को सजाने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ यह भी बताया है कि दिवाली के दिन मिट्टी से बने दीयों को जलाने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मिट्टी मंगल ग्रह का प्रतीक है और तेल को शनि ग्रह का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में दीपावली के शुभ अवसर पर मिट्टी का दीया जलाने से मंगल और शनि दोनों ग्रह प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं।

शास्त्रों में बताया गया है कि मिट्टी का दीपक प्रज्वलित करने से मानसिक व शारीरिक तनाव दूर हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ मिट्टी के दीपक की रौशनी को सुख एवं समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हिन्दू धर्म में मिट्टी को बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए आदिकाल से इस दीपक का प्रयोग किया जा रहा है।

मिट्टी का दीपक न केवल शुभ होता है बल्कि यह पंचतत्व का प्रतिनिधित्व भी करता है। पंचतत्व में जल, वायु, अग्नि, आकाश व भूमि सम्मिलित हैं। इन सब में मिट्टी से दीया पृथ्वी का प्रतीक है। तेल या घी भूतकाल व पाताल लोक का और प्रज्वलित की गई लौ को आकाश, स्वर्ग और भविष्य का प्रतीक माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button