
हरिद्वार। गन्ना विकास समिति ज्वालापुर की ओर से अब किसानों को उधार में भी खाद, बीज और दवा मिलेगा। यह निर्णय समिति की पहली बोर्ड बैठक में लिया गया। इसके अलावा अनेक प्रस्ताव पर पास किए गए, लेकिन दो बीघा कम भूमि वालों को सदस्य नहीं बनाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
बृहस्पतिवार को गन्ना विकास समिति ज्वालापुर की अध्यक्ष ममता चौैहान की अध्यक्षता में कार्यालय में बैठक संपन्न हुई, जिसमें तीन साल बंद चल रही किसानों को उधार खाद, दवाएं और बीज दिए जाने की व्यवस्था को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि किसान रुपयों के अभाव में भी गन्ना समिति से गन्ना उत्पादन के लिए खाद, बीज और दवाएं खरीद सकें।
बृहस्पतिवार को गन्ना विकास समिति ज्वालापुर की अध्यक्ष ममता चौैहान की अध्यक्षता में कार्यालय में बैठक संपन्न हुई, जिसमें तीन साल बंद चल रही किसानों को उधार खाद, दवाएं और बीज दिए जाने की व्यवस्था को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि किसान रुपयों के अभाव में भी गन्ना समिति से गन्ना उत्पादन के लिए खाद, बीज और दवाएं खरीद सकें।
गन्ना समिति में अब तक कितनी भी कम जमीन वाले किसान भी सदस्य बन जाते हैं, लेकिन अब दो बीघा से कम जमीन वालों को समिति का सदस्य नहीं बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। समिति में तैनात सफाई कर्मचारियों और चालकों को वर्दी दिए जाने के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया। गन्ना विकास समिति की जमीन पर बनाए गए नए सहायक गन्ना आयुक्त कार्यालय का किराया छह हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। बैठक का संचालन समिति सचिव सियानंद ने किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष विशेष कुमार चौहान, डायरेक्टर जयद्रथ कुमार, शिवानी चौहान, राजेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, जगवीर सिंह, गुरुबाज सिंह, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।


