
शहर के चर्चित एसए बिल्डटेक ने फर्जी ग्राहकों के साथ मिलकर भारतीय स्टेट बैंक को लाखों की चपत लगाई है। प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए ग्राहकों के नाम से लोन लिया और फिर दूसरों को फ्लैट बेच दिए। एसबीआई को लोन की रकम में से एक भी रुपया नहीं चुकाया गया। एसबीआई की ओर से एसए बिल्डटेक के मालिक और फर्जी ग्राहकों के खिलाफ कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय के अधिकृत अधिवक्ता विजय भूषण पांडेय ने कोर्ट से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि रायपुर रोड पर लाडपुर में एसए बिल्डटेक ने लवाई अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया। बिल्डर ने कई डमी ग्राहक बनाकर रजिस्ट्री से पहले लोन के आवेदन कराए। आवेदन मिलने पर प्रोजेक्ट बनाने वालों को शामिल करते हुए त्रिपक्षीय अनुबंध बनाते हुए लोन जारी किए गए। इसके तहत लोन की करीब 1.18 करोड़ रुपये की रकम बिल्डर के पास गई। उसे प्रोजेक्ट बनने पर तय फ्लैट की रजिस्ट्री इन ग्राहकों के नाम करनी थी।
आरोप है कि प्रोजेक्ट बनने पर वर्ष 2016 से 2022 के बीच इन फ्लैट की रजिस्ट्री लोन लेने वालों के बजाय अन्य लोगों के नाम कर दी गई। इससे बैंक को लोन पर दी गई रकम नहीं मिल पाई। बैंक ने रिकवरी की कोशिश की तो बिल्डर गायब हो गया। पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन सीधे केस दर्ज नहीं होने पर कोर्ट का सहारा लिया गया। कोर्ट के आदेश पर हुए चार मुकदमों में एसए बिल्डटेक के मालिक और लोन के आवेदन में शामिल लोगों को आरोपी बनाया गया है।