
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मसूरी में सामाजिक संगठनों, लेखकों और साहित्यकारों के साथ अपनी किताब ‘मेरा जीवन लक्ष्य उत्तराखंडियत’ पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही किताब के भाग-2 के लिए सुझाव भी मांगे। इस दौरान उन्होंने अपनी किताब भी लोगों को वितरित की।
सोमवार को एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड के सभी प्रमुख क्षेत्रों और प्रमुख लोगों के बीच जाकर वह अपनी किताब को लेकर चर्चा करेंगे कि आखिर उत्तराखंडियत है क्या? यदि उत्तराखंड के भविष्य का विकास का मॉडल तैयार नहीं करेंगे तो समस्याएं बढ़ती जाएंगी। पहाड़ के उत्पाद, कला, संस्कृति, जल, जंगल और जमीन, उत्तराखंड के परिवेश को लेकर लोगों से चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ईमानदारी से चली होती तो आज मिलेट्स मिशन के हम लीडर होते। उनकी सरकार ने प्रदेश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य किए।