उत्तराखंड

देहरादून :- निमास टीम ने माउंट रेओ पुर्गिल (6819 मीटर) सफलतापूर्वक फतेह करने के बाद उत्तराखंड के सबसे ऊँचे हिम शिखर कामेट पर्वत पर फहराया तिरंगा,

राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों ने कर्नल रणवीर सिंह जामवाल की अगुवाई में दुर्गम रास्तों से होकर हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी और भारत की सबसे मुश्किल चोटियों में से एक “रेओ पुरगिल “ पहुँचने में कामयाबी हासिल कर ली और अब उत्तराखण्ड के दुर्जेय हिम शिखर कामेट पर फहरायी पताका

उत्तराखंड के सबसे ऊँचे हिम शिखर कामेट पर्वत पर चढ़ाई करने ‘हर शिखर तिरंगा’ टीम 7 जून 2023 को उत्तराखंड के चमोली जिले के निती गाँव पहुँचे

हर शिखर तिरंगा निमास का एक अनोखा और साहसिक अभियान है जिसका पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है। इस कठिन प्रयास में अरुणाचल प्रदेश के दिरांग स्थित राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों की टीम ने पहले ही सात उत्तर पूर्वी राज्यों के सबसे ऊंचे पहाड़ों पर तिरंगा फहरा लिया है और उसके बाद हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रियो पार्गेल पर सफलता के बाद कामेट जैसे दुर्गम हिम शिखर पर तिरंगा फहराकर पर्वतारोहंण के ईतिहास में एक होर नये अध्याय की शुरुवात कर बिजय हासिल कर ली है ।

हिमालय के दक्षिण भाग में स्थित कामेट पर्वत पर विगत एक दशक से कुछ ही आरोही सफलता हासिंल कर पाये हैं सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। कामेट पर्वत पहाड़ में अत्यधिक तकनीकी चुनौतियों और बड़े पत्थर एवं बर्फ सहित कठिन ढाल के कारण इस पर चढ़ने का बहुत कम ही प्रयास किया जाता है।

निमास की टीम को पहाड़ी उपकरणों और राशन अपनी पीठ पर ही ले जाना पड़ा क्योंकि बर्फबारी के कारण खच्चर बेस कैंप तक नहीं पहुँच सके। टीम ने शिखर पर पहुंचने से पहले 4700 मीटर पर बेस कैंप और 4900 पर एडवांस बेस कैंप स्थापित किया और 5500मीटर की ऊंचाई कैंप वन लगाया भारी बर्फवारी व तुफान के बीच और चट्टानी इलाके के दुर्गम रास्तों पर दल संघर्ष के साथ आगे बढ़ता रहा विषम परिस्थितियों में कभी हार न मानने वाले कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल के नेतृत्व में टीम भारी संघर्ष के बाद कैंप टु को पार करते हुये समिट कैंप तक पहुँची लेकिन बर्फीले तुफान व व्हाइट आउट के चलते टीम भीषंण तुफान व एवलांच के बीच फँस गयी लेकिन विषम परिस्थितियों में टीम को सुरक्षित वापस लाते हुये कर्नल जम्वाल के नेतृत्व में टीम को कैंप वन आना पड़ा और तीन दिन दल को मौसम ने आगे बढ़ने से रोके रखा लेकिन कर्नल जम्वाल तो सोचकर ही निकले थे कि देश का ध्वज बुलंद करके ही लौटेंगे और 20 जून को टीम की हौसलाफजाई करते हुये उनका मनोबल बढ़ाते हुये दल पुनः चोटी की ओर निकल पड़ा और 22 जून की सुबह दस बजकर 22 मिनट पर पुरा दल कामेट शिखर पर तिरंगा लहराने में सफल रहा ।

रिपोर्टर —प्रांजल चंद
कैमरामैन —रोहित शूद

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