
राजधानी के शहरी इलाके में जलापूर्ति को स्थापित 25 पंप हाउसों में प्रकाश व्यवस्था के लिए शासन से मिले 95. 5 हजार की धनराशि आहरण के बाद दस्तावेजों में ठिकाने लगा दी गई जबकि जल संस्थान यहां किसी भी पंप हाउस पर नाही एलईडी बल्ब लगाए नहीं मरकरी लाइट जब जल संस्थान कर्मचारी संघ ने लिखित पत्र के जरिए मामले का खुलासा किया तो विभागीय महाप्रबंधक नीलम गर्ग ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच अधिशासी अभियंता नार्थ जोन संजय सिंह को आदेश दिया यहां भी जांच में सिर्फ खानापूर्ति की गई और अधिशासी अभियंता ने सहायक अभियंता भंडारी को मामले की जांच सौंप कर खुद अपने दायित्व की इतिश्री कर ली जांच में धरातल पर तो काम ना होने के बावजूद सहायक अभियंता ने मामले में आरोपित अवर अभियंता को क्लीन चिट दी साथ ही अधिशासी अभियंता ने भी रिपोर्ट पर क्लीन चिट का ठप्पा लगा दिया पेश है अधिशासी अभियंता से बातचीत।
रिपोर्टर बीके श्रीवास्तव
कैमरामैन मयंक यादव