
सरकारी नीतियों के खिलाफ जल संस्थान कर्मियों में विशेष उबाल है जो कभी भी सड़कों पर फूट सकता है दशकों से शासन स्तर पर जल संस्थान और जल निगम के राजकीय करण की मांग फाइलों में कैद होकर रह गई है इस वजह से जल संस्थान के तकनीकी और फील्ड कर्मचारियों के वेतनमान में भी तमाम विसंगतियां आई है लेकिन क्योंकि बार-बार शासन की जोड़ी पर फरियाद करते करते जल संस्थान कर्मचारी पूरी तरह थक चुके हैं और अब उनका गुस्सा कभी भी सड़कों पर घुटने को बेताब है इनमें सरकार की मंशा जल संस्थान के नगर निगम में विलय की है इस बात को लेकर के भी लगभग सभी श्रेणी के कर्मचारी और कर्मचारी संघटना सड़कों पर उतर कर आपको पूरी करने की कोशिश में लगे हुए हैं आदि मांगों को लेकर उत्तराखंड जल संस्थान तकनीकी और फील्ड कर्मचारी संगठन के जल संस्थान कर्मियों ने धरना दिया साथ ही देने की धमकी भी प्रबंधन और शासन को भी।
रिपोर्टर बीके श्रीवास्तव
कैमरामैन मयंक यादव