पछवादून व जौनसार बावर में दिनभर बारिश से राहत रही लेकिन यमुना में पानी का स्तर बढ़ा रहा। जिससे डाकपत्थर बैराज से संचालित होने वाली बिजली परियोजनाओं में उत्पादन बंद रहा। उधर पानी की अधिकता के कारण बैराज से यमुना में पानी छोड़ा जाता रहा।
बारिश का असर बृहस्पतिवार को भी यमुना नदी पर दिखाई दिया। यमुना की सहायक टोंस, अमलावा नदियों के अलावा बरसाती नालों में आए तेज बहाव के पानी से यमुना का जलस्तर बढ़ा रहा। जिसके कारण डाकपत्थर बैराज से 87 हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया। उधर पानी में पीपीएम की मात्रा पांच हजार से अधिक होने के कारण डाकपत्थर बैराज से संचालित होने वाली ढकरानी और ढालीपुर जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन नहीं हो सका।
आसन बैराज से संचालित होने वाली कुल्हाल बिजली परियोजना से भी मात्र तीन मेगावाट का ही उत्पादन हुआ। जलविद्युत निगम के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि पीपीएम की मात्रा मेंटेन होते ही बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।