
कारगी ग्रैंड मुस्लिम बस्ती में चल रहे है कब्रिस्तान के विवाद में MDDA का घोर भ्रष्टाचार साफ दिखाई दे रहा है… 28.12.2016 में जारी आदेश में साफ है कि 1.5 हेक्टेयर भूमि कारगी ग्रांट में कब्रिस्तान के लिए दी गई.. जिस पर MDDA का कोई भी मालिकाना हक नहीं है.. बावजूद इसके एमडीडीए के अधिकारियों ने घालमेल करके कब्रिस्तान पर सड़क का टेंडर पास कर डाला.. स्थानीय लोगों की शिकायतों को लगातार दरकिनार कर कुछ कथित कॉलोनाइजरों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से MDDA और विभाग सचिव एम एस बरनिया लगातार इस भ्रष्टाचार को अमली जामा पहनाने में लगे हुए हैं… जब स्थानीय लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हुई तब वह मदद के आशय से उत्तराखंड क्रांति दल के नेता अनुपम खत्री के पास पहुंचे.. सच के लिए दबंगता से खड़े होने वाले अनुपम खत्री ने जब स्थानीय की स्थिति को समझा तो पूरी मदद देने का वादा कियाजिसके बाद खत्री ने अपने साथियों के साथ अक्टूबर 2022 में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को प्रमाणों सहित सारी स्थिति से अवगत कराया बावजूद इसके MDDA ने गुपचुप तरीके से सड़क का टेंडर पास कर दिया.. इसके बाद न्यायालय की शरण में जाने के अलावा स्थानीय के पास कोई चारा नहीं बचा… लेकिन एमडीडीए अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहा..अब सारा मामला न्यायालय में विचाराधीन है बावजूद इसके, एमडीडीए और कतिथ कॉलोनाइजर लोग जबरन सड़क बनाने पर हम अमादा हैं… ज़ब कल स्थानीय लोगो को पता चला कि वहां पर फिर से सड़क का काम शुरू हो गया है तो मौके पर अनुपम खत्री ने पहुंचकर एमडीडीए के एई सुरेंद्र रावत की जमकर क्लास ली.. जब ठेकेदार की मुंशी ने देखा कि AE साहब ही फेल हो गए हैं.. तो ठेकेदार का मुंशी भी जेसीबी लेकर चलता बना.. इसके बाद मीडिया को बयान जारी करते हुए अनुपम खत्री ने साफ कहा कि जब तक न्यायालय में वाद विचाराधीन है तब तक दोनों ही पक्ष एक समान स्थिति में खड़े हुए हैं और न्यायालय का सम्मान रखते हुए किसी को भी इस पर काम करने का कोई अधिकार नहीं है… साथ खत्री ने एमडीडीए के सचिव को भी चेताया है कि वह अपनी करगुजारियों से बाज आ जाए नहीं तो उत्तराखंड की जनता भ्रष्टाचारी को सबक सिखाना अच्छे से जानती है.. अनुपम खत्री का स्थानीय लोगों ने आभार प्रकट किया..


