
एक जुलाई, 2023 से मिलने वाले चार प्रतिशत महंगाई भत्ते को लेकर प्रदेश के कार्मिकों की प्रतीक्षा और बढ़ गई है। दिसंबर के वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने की उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी नहीं हो पाई।
पदोन्नति में शिथिलीकरण, वाहन और वर्दी भत्ते, दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी बाल्य देखभाल एवं अवकाश देने जैसे कर्मचारियों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली धामी सरकार ने महंगाई भत्ता देने की मांग आगे खिसकाकर फिलहाल अपनी वित्तीय हालत को भी ध्यान में रखने की कोशिश की है। बीते एक माह से सरकार विकास और निर्माण कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराने पर अधिक बल दे रही है।
केंद्र सरकार से उनके कार्मिकों को महंगाई भत्ता देने के आदेश जारी होने दो-तीन माह के भीतर प्रदेश सरकार भी इस व्यवस्था को अपने यहां लागू करने में संकोच नहीं करती रही है।
धामी सरकार ने इस परंपरा पर सख्ती बरतने का साहस दिखाया है। यह स्थिति तब है, जब सरकार ने पिछले कुछ महीनों के भीतर कर्मचारी हित में कई बड़े निर्णय लिए हैं। पदोन्नति के लिए नियमावली में शिथिलीकरण और इसकी सीमा में कार्मिकों के साथ अधिकारियों को भी सम्मिलित किया गया है।