
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में गुरुवार देर शाम से हो रही बारिश के कारण हरड़िया नाले में गट घोरगाड़ी और सुकतोली गांवों की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इस कारण लाखों मीट्रिक टन बोल्डर और मलबा रामगंगा में गिर गया है नतीजतन नदी का प्रवाह धीमा हो गया है। नदी में मलबा गिरने से रामगंगा 30 फुट गहरी 700 मीटर लंबी झील के स्वरूप में तब्दील हो गई है।
तल पर मलबा पटने के कारण रामगंगा हरड़िया से नीचे नाचनी फल्याटी और रिगुनिया तक दो मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध के आधे हिस्से तक मलबा भर गया है। हरड़िया वैली ब्रिज मलबे से मात्र 10 फुट ऊपर है।

हरड़िया नया बस्ती में थल-मुनस्यारी सड़क वाहनों और राहगीरों के खतरनाक बनी हुई है। पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। दिल्ली-मुनस्यारी रोडवेज बस आगे नहीं जा पा रही है। चालक को बस नाचनी में ही खड़ी करनी पड़ रही है।
दर्जनों गांवों को मुख्यालय से जोड़ने वाले सौन पट्टी क्षेत्र में पुल की दीवार पर आई दरार एक साल बाद भी ठीक नहीं की गई है। पूर्व बीडीसी सदस्य रमेश चंद ने कहा कि बडारी, कांटेबोरा, बोनकोट मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क का मलबा और पानी बहकर केनखोला गांव में पहुंच रहा है जिससे उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और पेयजल योजना दूषित हो रही है। लोनिवि अधिकारियों से मोटर पुल की दरार आने की शिकायत की गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।