
मलिन बस्तियों के मामले में सरकार को एक बार फिर अध्यादेश लाना पड़ेगा क्योंकि इस मामले में कोर्ट का दखल है। ऐसा कहना है भाजपा विधायक व पूर्व में मेयर रहे विनोद चमोली का। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों के मालिकाना हक मामले में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है नदियों का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे किया गया है ताकि नदियों की चौड़ाई तय हो सके, इसके बाद जलमग्न भूमि को बंजर भूमि घोषित की जा सके ताकि मलिन बस्तियों को नियमित किया जा सके। बताया कि ज्यादातर मलिन बस्तियां नदियों के किनारे बसी हुई है। कहा कि इस दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक बेस बनाया है जो मलिन बस्तियों को नियमित करने में कारगर साबित होगा।
रिपोर्ट: लक्ष्मण प्रकाश