
अपने आप को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुंहबोली बहन बताने वाली रजनी रावत ने एक बार फिर से गुंडागर्दी की हद पार कर दी है। 31 जुलाई 2024 को देहरादून स्थित मलूकचंद मैं एक किन्नर गुरु जिनका नाम मीना किन्नर था उनका देहांत हो जाने के बाद ट्रांसजेंडर रजनी रावत ने उनके घर को घेर लिया। उसके पश्चात स्वर्गीय मीना किन्नर की इकलौती चेला बिंदु को नजर बंद किया गया एवं नेपाल बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से बुलाए गए कुछ संदिग्ध किन्नरों को उनके घर में रहने के लिए छोड़ दिया और आदेश दिया की उनके क्षेत्र में बधाई का कार्य करें और सारा पैसा जोड़कर रजनी रावत को दें। जुल्म सहने की भी एक हद होती है, इसके पश्चात बिंदु किन्नर ने मौका देखकर माननीय एसएसपी देहरादून को शिकायत की और संदिग्ध किन्नरों को अपने घर से निकालने के लिए आग्रह किया।
रजनी रावत जो की मूल निवासी नेपाल का रहने वाला है एवं उसके गुट में कुछ संदिग्ध किन्नर भी हैं जो अन्य राज्यों एवं बांग्लादेश नेपाल तक से आए हुए हैं,यह लोग इतने खतरनाक हैं कि किसी को बुरी तरीके से मारने- पीटने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इन लोगों को कानून एवं पुलिस प्रशासन का कोई डर नहीं है।
ऐसे में सवाल यह है की क्या इस बार बिंदु किन्नर को इंसाफ मिल पाएगा। और अपने आप को भगवान समझने वाले रजनी एवं उसके समस्त गुंडे मवाली किन्नर जो की अन्य राज्यों एवं देश से आए हैं क्या उनको सजा मिल पाएगी?
क्या उत्तराखंड पुलिस प्रशासन और भारत सरकार किन्नर बिंदु को सुरक्षा दे पाएगी?
देहरादून में हो रहे हैं स्थानीय निवासी किन्नरों पर अपराध की खबर सभी को है। बीते कुछ दिनों गाड़ी में बंधक बनाकर किन्नर निशा चौहान पर जानलेवा हमला एवं बाल काटना और अब हाल ही में हसनपुर शेरपुर निवासी बिंदु किन्नर के घर पर अवैध कब्जा एवं इलाके में अवैध वसूली। यह सब किया जा रहा है मास्टरमाइंड ट्रांसजेंडर रजनी रावत उर्फ राम बहादुर द्वारा जो की मूल निवासी नेपाल का है। जनता और मीडिया को गुमराह करके ट्रांसजेंडर और किन्नरों में अंतर बताने वाले रजनी रावत गिरोह की सच्चाई किसी से छुपी नहीं है। हाल ही में रजनी ने एक प्रेस वार्ता की थी जिसमें अपने आप को रूबी हांडा नामक बताने वाला व्यक्ति जिसका असली नाम कुलवंत सिंह रंधावा है और जो कि दो बच्चों का पिता है और यमुनानगर का रहने वाला है, और रजनी के कुछ साथियों द्वारा जनता को गुमराह किया गया। 850 साल पुराना नकली कागज दिखाने वाला रजनी आखिर यह साबित करें कि साढे आठ सौ साल पहले किसका राज था और कौन से राजा ने उसे यह गाड़ी लिखकर दी। अपने आप को गाड़ी मशीन कहकर जनता को गुमराह कर रजनी ने हमेशा से देहरादून की जनता को लूटा है। आखिर इतनी संपत्ति रजनी के पास कहां से आई है? क्या कभी इस पर कोई जांच हुई है? आखिर कैसे एक इंसान नेपाल से आकर भारत में इस तरह के गुंडागर्दी कर सकता है? हमारे यह प्रश्न है.
हम कोई भी देहरादून के लोकल किन्नर ट्रांसजेंडर बच्चे रजनी को अपना अभिभावक नहीं मानते हैं और ना ही उसे गड्ढे नशीन की उपाधि पर देखते हैं। यह हमारा संवैधानिक हक है कि हम अपनी जिंदगी अपने मौलिक अधिकारों के साथ जी सके और हमें कार्य करने के स्वतंत्रता हो।
जनता से है गुजारिश-
हमारी ही देहरादून ऋषिकेश और बागेश्वर के जनता से यही गुजारिश है कि जहां कहीं भी रजनी रावत गिरोह के किन्नर आपसे बदतमीजी करें और अवैध वसूली करें तो बिना डरे तुरंत पुलिस को फोन करें कई बार लोग भ्रांतियां के चलते और बददुआओं के द््डर से इन लोगों को उधर कर्ज लेकर बधाई देने पर मजबूर हो जाते हैं। देहरादून की भोली भाली जनता रजनी के किसी भी झांसे में ना आए हमारी यही गुजारिश है।
रिपोर्टर: लक्ष्मण प्रकाश