
यूपी के मेरठ जिले से सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल में लड़कों को ‘मुर्गा’ और लड़कियों को ‘जहाज’ बनाकर सज़ा दी जा रही थी और उनके साथ मारपीट की जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब एक ग्रामीण ने इस पर आपत्ति जताई तो उसे भी कथित रूप से धमकाया गया। ग्रामीण का आरोप है कि स्कूल के हेडमास्टर गोविंद और एक शिक्षिका ने उसे डांटते हुए कहा, “चुप रहे… तू मार… यहां का मालिक मैं हूं, चल बाहर…” और FIR कराने की धमकी दी।
क्या है आरोप?
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर शारीरिक सज़ा दी जा रही थी। लड़कों को मुर्गा बनाकर और लड़कियों को जहाज बनाकर खड़ा किया गया, साथ ही डंडे से पिटाई किए जाने का भी आरोप है।
वहीं स्कूल प्रशासन का पक्ष अलग है। हेडमास्टर गोविंद और शिक्षिका का कहना है कि बच्चे बदतमीजी कर रहे थे और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्ती की गई।
ग्रामीणों में नाराज़गी
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय डराया-धमकाया जाएगा? ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कानूनी पहलू
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देना प्रतिबंधित है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया?
अब सबकी नजर जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है। क्या मामले की जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

रिपोर्टर ओमपाल कश्यप




