
चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांव पाणा, ईराणी, झींझी, सुतोल, कनोल, रामणी, पडेरगांव के साथ ही 50 से अधिक गांवों में बारिश के साथ बर्फबारी हुई मगर बर्फ जल्द पिघल गई। बारिश-बर्फबारी से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बदरीनाथ धाम में तापमान माइनस चार तक पहुंच गया है। वहीं हाईवे अलग-अलग जगह पर बाधित है।
चमोली जिले के ज्योर्तिमठ क्षेत्र में भारी बारिश के बाद पहाड़ दरकने लगे हैं। वहीं बदरीनाथ धाम बर्फ की चादर से ढका है। तीन दिन बाद बारिश-बर्फबारी थमी तो धाम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दूसरी तरफ बदरीनाथ हाईवे गोविंद घाट के पास पिनोला में बड़े-बड़े पत्थर आने से पूरी तरह बंद है।
उधर नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी सालधर के पास भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि बीआरओ को जल्द हाईवे खोलने के लिए कहा गया है।दूसरी ओर बर्फबारी के कारण बंद गंगोत्री हाईवे को खोलने के लिए बीआरओ की ओर से प्रयास किया जा रहा है।
यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी में बंद है। यहां भी एनएच हाईवे खोलने का प्रयास कर रहा है। दो दिन की बर्फबारी और बारिश के बाद जनपद में आज धूप खिली है, लेकिन मार्ग बंद होने से आवाजाही मुश्किल हो रही है।




