
मदरसा बोर्ड को एक जुलाई से खत्म कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। राज्य में 452 मदरसे हैं। इनमें से 54 मदरसे ऐसे हैं, जिनमें नौंवी से 12 वीं तक मान्यता प्राप्त हैं।
प्रदेश में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त 54 मदरसों में से 30 में मुंशी (हाईस्कूल) और आलिम (इंटर स्तर) पर एक भी छात्र नहीं है। जबकि अन्य 24 में भी इस स्तर पर छात्र-छात्राओं की संख्या बहुत कम है। मदरसा आईशा सिद्दीका लंढौरा के प्रबंधक अब्दुस्लाम बताते हैं कि एक जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो रहा है। इसी डर से छात्र-छात्राओं ने मुंशी और आलिम स्तर पर मदरसों में दाखिला नहीं लिया।
प्रदेश के मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से मदरसा बोर्ड को एक जुलाई से खत्म कर दिया जाएगा। जबकि इसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ सुरजीत सिंह गांधी बताते हैं कि राज्य में 452 मदरसे हैं। इनमें से 54 मदरसे ऐसे हैं, जिनमें नौंवी से 12 वीं तक मान्यता प्राप्त हैं।




