
हरिद्वार जनपद के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना की व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरती नजर आ रही है। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के लिए चावल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई स्कूलों में उधार के चावल से भोजन बनाकर बच्चों को परोसा जा रहा है, जबकि कुछ विद्यालयों में चावल न होने के कारण मिड-डे मील पूरी तरह बंद करना पड़ा है।




