
आयुष्मान योजना के लाभार्थी के इलाज में यदि निर्धारित पैकेज से अतिरिक्त खर्च आता है तो इस पर आïवश्यकतानुसार निर्णय लिया जाएगा। दून अस्पताल प्रबंधन मरीज को मना नहीं करेगा। ताकि जरूरतमंद के इलाज में किसी तरह का व्यवधान न आए।
मंगलवार को प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में आयोजित आयुष्मान योजना की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। प्राचार्य ने कहा कि आयुष्मान योजना के लाभार्थी को दवा, इंप्लांट आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कहां कितनी दवा उपलब्ध है, हर विभागाध्यक्ष इसकी जानकारी रखें। उन्होंने वार्डों में जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने को भी निर्देशित किया।
इसमें कहा गया कि बीएफए के कर्मचारी वार्ड में जाकर कार्ड बनाएंगे और रोजाना रिपोर्ट देंगे। इस दौरान बताया गया कि अस्पताल में रोजाना 50 से 70 मरीज आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. अनुराग अग्रवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय डोभाल आदि मौजूद रहे। चिकित्सकों ने दिए सुझाव ईएनटी, कार्डियोलॉजी, कैंसर रोग विभाग समेत कई विभागों ने विभिन्न प्रोसीजर के पैकेज न होने संबंधित मुद्दे उठाए गए। जिस पर नोडल अधिकारी ने बताया कि यह प्रस्ताव पूर्व में ही राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जा चुका है।