
लापरवाही, डर और खतरा… इन तीनों को इस समय देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर साफ तौर पर देखा और महसूस किया जा सकता है। एक्सप्रेसवे पर एलिवेटेड रोड का सफर आसान नहीं है। भले एलिवेटेड रोड पर काम चल रहा हो लेकिन काम के दौरान ही चट्टानें डरा रही है। एक्सप्रेसवे पर ही किनारे खड़े ट्रक हादसों को न्योता दे रहे हैं। वहीं, एलिवेटेड रोड पर लगाई गई साउंड प्रूफ शीट भी कई जगह टूट चुकी है। बुधवार को दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 14 किमी एलिवेटेड रोड की पड़ताल की गई तो लापरवाही, डर और खतरा साफ तौर पर नजर आया। पहाड़ काटकर बनाई गई एलिवेटेड रोड पर अब चट्टानें हटाने और समतल करने का काम चल रहा है। आलम यह है कि इस पर काम भले चल रहा हो लेकिन चट्टान हटाने के दौरान गिरता मलबा वाहन चालकों को डरा रहा है। एक्सप्रेसवे पर दून से लेकर यूपी तक के हिस्से में सड़क किनारे ट्रक भी खड़े हो रहे हैं। जबकि नियम है कि हाईवे पर इस तरह ट्रक खड़े नहीं हो सकते। हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पड़ताल में उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर टनल के पास समेत एलिवेटेड रोड पर कई जगह ट्रक खड़े दिखाई दिए। कही गायब तो कई जगह टूटी साउंड प्रूफ शीट : एक्सप्रेसवे पर 14 किमी के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर लगाई गई साउंड प्रूफ शीट कई जगह से टूट चुकी है। वहीं, कई जगह साउंड प्रूफ शीट गायब ही है। इससे वन्यजीवों को परेशानी हो सकती है। दरअसल, एलिवेटेड रोड के आसपास वन्यजीवों को परेशानी न हो, इसके लिए साउंड प्रूफ शीट लगाई गई है। एलिवेटेड रोड पर यूपी के हिस्से में करीब पांच जगह पर यह शीट या तो गायब है या टूटी हुई है। संवाद




