
सूर्य पर अत्यधिक सौर सक्रियता और इससे पृथ्वी पर भू-चुंबकीय तूफान आने के चलते भारत में पहली बार औरोरा (ध्रुवीय ज्योतिपुंज) रिकॉर्ड किए गए हैं। इसे लेह के पास करीब 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित भारतीय खगोलीय वेधशाला ने रिकॉर्ड किया। अमर उजाला ने मार्च में ही सौर सक्रियता से संबंधित इस दुर्लभ संभावना की सूचना दी थी।
दरअसल, बीते दो महीने से सूर्य पर चल रही अत्यधिक सोलर सक्रियता और पृथ्वी के आकार से 30 गुना बड़े छिद्र (कोरोनल होल) के कारण पृथ्वी की ओर आने वाले ऐसे तूफान के बाद पहली बार भारत में यह घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई। चुनिंदा ध्रुवीय देशों में बहुत ज्यादा ऊंचाई पर नजर आने वाले इन औरोरा के भारत में इतनी कम ऊंचाई पर पहली बार नजर आने से वैज्ञानिक भी हैरान हैं।
24 मार्च को पृथ्वी पर बीते छह वर्षों में जी 4 श्रेणी का सबसे शक्तिशाली सौर भू-चुंबकीय तूफान आया था जो दूसरे नंबर का सर्वाधिक तीव्र सौर तूफान माना जाता है। इसके बाद से यह सिलसिला हफ्तों जारी रहा, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्लभ घटना नजर आई। औरोरा अब तक ध्रुवीय क्षेत्रों अलास्का, आइसलैंड, नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन जैसे देशों में ही अत्यधिक ऊंचाई पर नजर आता रहा है। इसी कारण इनके नाम में ही ध्रुवीय शब्द जुड़ा है।




