भारत-चीन संबंधों को लिपुलेख दर्रे से शुरू होने वाला व्यापार नई ऊंचाई देगा। सीमा के करीब बसे लोगों को इसका फायदा होगा। लिपुलेख दर्रे से दो से पांच करोड़ रुपये के बीच व्यापार होता है।