
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू किए जाने के फैसले पर जमीअत का बयान सामने आया है। जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने इस कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार की मांग करते हुए उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय तक किसी भी कार्रवाई को स्थगित रखने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि धार्मिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।




