
देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का अंदाज अलग नजर आया। करीब 51 मिनट तक चले संवाद में मंच पर अकेले राहुल गांधी ने कभी शिक्षक की भूमिका निभाई तो कभी चिंतित अभिभावक की तरह युवाओं की बात सुनी। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को युवाओं के बीच एक मेगा इवेंट के रूप में पेश किया, जिसमें पार्टी के बड़े नेता मंच से दूर दर्शकों के बीच मौजूद रहे और राहुल ने सियासी भाषण से परहेज करते हुए छात्रों से सीधा संवाद किया।




