सहारनपुर- जनपद का प्रमुख पठेड-गन्देवड मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण यह सड़क पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है।इस जर्जर मार्ग से रोजाना गुजरने वाले स्कूली बच्चों को हर दिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों और उड़ती धूल के बीच बच्चों का सफर जोखिम भरा हो गया है।सबसे दर्दनाक स्थिति गर्भवती महिलाओं और मरीजों की होती है।जब कोई वाहन या ई-रिक्शा अचानक सड़क के इन गड्ढों में गिरता है तो लगने वाले तेज झटकों से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडराने लगता है।कई बार वाहन असंतुलित होकर पलटने से बाल-बाल बचते हैं।नमाज पढ़ने वाले धार्मिक लोगों को गड्ढों में भरे पानी की वजह से भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है सड़क की इस दुर्दशा से परेशान होकर रसुलपुर अड्डे पर एकत्र हुए स्थानीय ग्रामीणों,राहगीरों और वाहन चालकों ने विभाग के खिलाफ अपना विरोध जताया और आवाज बुलंद की।लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग शायद किसी बड़े हादसे के इंतजार में है।रोज इस मार्ग से सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पठेड से गन्देवड मार्ग की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को इस रोज-रोज की मुसीबत और संभावित हादसों से निजात मिल सके। रिपोर्टर ओमपाल कश्यप




