उत्तराखंड

Sardar Vallabhbhai Patel: देश को एकजुट करने में थी लौहपुरुष की अहम भूमिका, 

देश के पहले गृह मंत्री और उप-राष्ट्रपति सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 72वीं पुण्यतिथि है। भारत के लौह पुरुष के नाम से मशहूर सरदार वल्लभभाई ने आज ही के दिन साल 1950 में लंबी बीमारी के बाद दिल का दौरा पड़ने के बाद अंतिम सांस ली। देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले पटेल ने स्वतंत्रता के बाद भारत को एकजुट करने में भी अहम भूमिका निभाई। 

31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल अपने माता-पिता की चौथी संतान थे। उनके पिता का नाम झवेरभाई पटेल और माता लाडबा देवी थी। 22 साल की उम्र में मैट्रिक पास करने के बाद उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई इंग्लैंड से की। वापस लौटकर उन्होंने अहमदाबाद में वकालत की और गुजरात में शराब, छूआछूत और महिलाओं पर अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इसके अलावा उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को भी बनाए रखने की पूरी कोशिश की।

देश भी आजादी की लड़ाई में अहम योगदान निभाने वाले ‘पटेल’ ने 1928 में बारडोली में सत्याग्रह का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने आजादी के बाद देश के एकीकरण में काफी अहम योगदान दिया। देश को एकजुट करने के लिए पटेल ने राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से अहम भूमिका निभाई। 15 अगस्त, 1947 में देश की आजादी के बाद उन्होंने भारत में 560 रियासतों को मिलाया था।

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